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Swami Karun Dass Ji

Join Date : 2017-09-29

संक्षिप्त परिचय

पूज्य श्री महाराज जी ने प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से अपने जीवन में ग्यारह संतों का संग किया व इन सब संतों को आप आज भी अपने गुरु रूप में स्वीकार करते हैं। पू. स्वामी श्रीकृष्णानंद जी महाराज ;वृन्दावनद्ध, पू. पंडित श्रीगयाप्रसाद जी ;गोवधर््नद्ध, पू. श्री इंजीनियर सरकार जी ;दरभंगा, बिहारद्ध, पू. ठाकुर श्रीघनश्यामदास जी ;वृन्दावनद्ध, पू. आचार्य चरण श्री श्रीजी महाराज ;सलेमाबाद, पुष्करद्ध व पू. श्री जगन्नाथ बाबा ;वृन्दावनद्ध का प्रत्यक्ष सत्संग व कृपा प्राप्त की तथा भाई श्री हनुमानप्रसाद पोद्दार जी ;गोरखपुरद्ध, पू. श्री राध बाबा ;गोरखपुरद्ध, पू. श्रीजयदयाल गोयन्दका जी ;गोरखपुरद्ध, पू. श्रीबालकृष्णदास जी महाराज ;वृन्दावनद्ध का अप्रत्यक्ष सत्संग व कृपा प्राप्त की।

तीन वर्ष वृन्दावन, फिर बारह वर्ष तक श्रीधम बरसाना में निवास किया। बरसाना मान मन्दिर में गुफा कक्ष में तीन वर्ष तक साध्ना रत रहे। यहीं पर एक दिन भगवान् शिव ने स्वप्न में दर्शन देकर भगवान् श्रीकृष्ण के ऐश्वर्य रूप ;श्री विष्णुद्ध की शरणागति कराई व कुछ भविष्य की बातें भी बताई। जो बाद में पूज्य श्री महाराज जी के जीवन में घटित हुई।

अनन्त श्री विभूषित प्रातः स्मरणीय अर्चनीय वन्दनीय निम्बार्कपीठाध्ीश्वर पू. आचार्य चरण श्री ‘श्रीजी महाराज’ ;श्रीराधसर्वेश्वर शरणदेवाचार्य जी महाराजद्ध से दीक्षित होकर निकुंज वृन्दावन रसोपासना में आपने प्रवेश किया व पूज्य श्री इंजीनियर सरकार जी की आज्ञा से हरि नाम जप व हरि भक्ति के प्रचार के लिये श्री भक्तमाल गाथा व श्रीमद्भागवत कथा करने लगे।

 

9456009925